सिरसा।
हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (HALSA) के निर्देशानुसार, शनिवार को न्यायालय परिसर सिरसा, उपमंडल न्यायालय परिसर डबवाली और ऐलनाबाद में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। इस लोक अदालत ने रिकॉर्ड 30,800 मामलों का निपटारा किया, जिससे 32,699 विचाराधीन केसों में से एक बड़ी संख्या को राहत मिली।
मुख्य आंकड़े
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) प्रवेश सिंगला ने बताया कि निपटारे के बाद 7 करोड़ 81 लाख 48 हजार 413 रुपये (₹7,81,48,413) की राशि सफलतापूर्वक समायोजित की गई।
विभिन्न प्रकार के मामलों का हुआ निस्तारण
लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के न्यायालयों में विचाराधीन मामलों को निपटारे के लिए रखा गया था। इनमें मुख्य रूप से:
• चैक बाउंस के मामले
• बैंक रिकवरी से संबंधित विवाद
• मोटर वाहन दुर्घटना दावा मामले
• घरेलू विवाद
• बिजली व पानी से संबंधित विवाद
• दिवानी एवं फौजदारी के सामान्य विवाद
6 बेंचों का किया गया गठन
सफल आयोजन के लिए कुल 6 बेंचों का गठन किया गया था। सीजेएम प्रवेश सिंगला ने बताया कि सिरसा में चार, डबवाली में एक और ऐलनाबाद में एक बेंच ने सुनवाई की। इन बेंचों की अध्यक्षता प्रमुख न्यायिक अधिकारियों ने की, जिनमें:
• अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश फैमिली कोर्ट, सुमित गर्ग (सिरसा)
• अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नितिन किनरा (सिरसा)
• सिविल जज (जूनियर डिविजन) एवं न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, गगनदीप गोयल (सिरसा)
• सिविल जज (जूनियर डिविजन) एवं न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, रिचू (सिरसा)
• अतिरिक्त सिविल जज (सीनियर डिविजन) एवं उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी, हरलीनपाल सिंह (डबवाली)
• अतिरिक्त सिविल जज (सीनियर डिविजन) एवं उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी, आशिष आर्य (ऐलनाबाद)
‘आपसी मनमुटाव होता है समाप्त’
सीजेएम प्रवेश सिंगला ने लोक अदालत की प्रक्रिया के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि इसकी प्रक्रिया बड़ी सरल एवं संक्षिप्त होती है। इसमें दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत द्वारा समझौता करवाया जाता है, जिससे न केवल केस का निपटारा होता है बल्कि उनका आपसी मनमुटाव भी समाप्त हो जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर लोक अदालत का आयोजन किया जाता है।


